कम स्टॉक और रीऑर्डर: माल कब और कितना मँगाएँ
माल ख़त्म होने और ज़रूरत से ज़्यादा ख़रीदने से बचें: रोज़ की बिक्री और सप्लायर के दिनों से रीऑर्डर पॉइंट निकालें, सेफ़्टी स्टॉक जोड़ें, कितना मँगाना है तय करें और डेड स्टॉक पहचानें — आसान हिसाब के उदाहरणों के साथ।

इस लेख में
हर दुकान स्टॉक में दो महँगी गलतियाँ करती है। पहली — जो बिकता है वही ख़त्म हो जाना: ग्राहक लौट जाता है, और शायद दोबारा न आए। दूसरी — जो नहीं बिकता उसे ज़्यादा ख़रीद लेना: पैसा महीनों अलमारी में पड़ा रहता है। हर सामान के लिए एक बार किया गया छोटा-सा हिसाब दोनों गलतियाँ ठीक कर देता है।
दो चीज़ें जो आपको जाननी हैं
- रोज़ की औसत बिक्री। पिछले 30 दिन में बिकी मात्रा को 30 से भाग दें। अगर पिछले महीने 360 पैकेट बिके, तो रोज़ 12।
- सप्लायर का समय (lead time)। ऑर्डर देने से लेकर माल आपकी अलमारी में आने तक के दिन — सप्लायर जो कहता है वह नहीं, जो असल में होता है वह। सोमवार को ऑर्डर दिया और गुरुवार को माल अलमारी में आया, तो यह 3 दिन है।
रीऑर्डर पॉइंट
रीऑर्डर पॉइंट = रोज़ की बिक्री × सप्लायर के दिन + सेफ़्टी स्टॉक
पहला हिस्सा वह माल है जो डिलीवरी के इंतज़ार में बिक जाएगा। सेफ़्टी स्टॉक अचानक आने वाली चीज़ों के लिए है: देर से डिलीवरी या भीड़ वाला हफ़्ता।
उदाहरण: एक बिस्किट पैकेट रोज़ 12 बिकता है और सप्लायर 3 दिन लगाता है। आप 2 दिन का सेफ़्टी स्टॉक (24 पैकेट) रखते हैं। रीऑर्डर पॉइंट = 12 × 3 + 24 = 60 पैकेट। अलमारी में 60 बचते ही ऑर्डर दें।
कितना मँगाएँ
तय करें कि एक ऑर्डर कितने दिन की बिक्री के लिए हो — मान लीजिए 15 दिन। फिर:
मँगाने की मात्रा = रोज़ की बिक्री × जितने दिन चलाना है
12 × 15 = 180 पैकेट। ₹8 प्रति पैकेट की ख़रीद पर यह ₹1,440 है — पैसा जो दो हफ़्ते में लौट आता है। 90 दिन का माल एक साथ मँगाने पर एक ही सामान में ₹8,640 फँस जाते।
महँगे या जल्दी ख़राब होने वाले सामान के लिए कम दिन का माल रखें, और सस्ते व लगातार बिकने वाले सामान के लिए ज़्यादा — या तब, जब सप्लायर महीने में एक ही बार माल देता हो।
चार सामानों का हिसाब
| सामान | रोज़ की बिक्री | सप्लायर के दिन | सेफ़्टी स्टॉक | कब मँगाएँ |
|---|---|---|---|---|
| बिस्किट पैकेट | 12 | 3 दिन | 24 | 60 पर |
| टूथपेस्ट 100 ग्राम | 4 | 5 दिन | 8 | 28 पर |
| A4 रजिस्टर | 3 | 7 दिन | 6 | 27 पर |
| फ़ोन चार्जर | 1 | 10 दिन | 3 | 13 पर |
रीऑर्डर पॉइंट शेल्फ़ की पर्ची पर लिख दें या सामान के साथ सेव कर दें, ताकि काउंटर पर जो भी हो, उसे पता रहे कि कब बताना है।
सेफ़्टी स्टॉक कितना रखें?
- लगातार बिकने वाला सामान, भरोसेमंद सप्लायर: एक से दो दिन की बिक्री।
- जिसकी बिक्री अचानक बढ़ती है (त्योहार, स्कूल खुलना, शादियाँ) या जिसका सप्लायर अक्सर लेट होता है: ज़्यादा — तीन से पाँच दिन, और सीज़न से ठीक पहले उससे भी ज़्यादा।
- धीमा या महँगा सामान: कम रखें; कभी-कभार बिकने वाले सामान का ख़त्म हो जाना महीनों फँसे पैसे से सस्ता पड़ता है।
सीज़न की तैयारी
त्योहार या स्कूल के सीज़न से पहले पिछले महीने की बिक्री धोखा देती है। पिछले साल के उन्हीं हफ़्तों को देखें और पहले मँगाएँ: अगर रजिस्टर आम तौर पर रोज़ 3 बिकते हैं, पर पिछले साल जून के पहले दो हफ़्तों में रोज़ 15 बिके, तो मई के आख़िर का रीऑर्डर पॉइंट जून वाली संख्या से निकालें।
जो सबसे ज़रूरी है, उस पर ध्यान
थोड़े-से सामान से ही ज़्यादातर बिक्री आती है। उन्हें रोज़ देखें; बाक़ी को हफ़्ते या महीने में एक बार। इससे यह काम रोज़ के कुछ मिनट का रह जाता है।
धीमा और डेड स्टॉक पहचानें
रीऑर्डर का दूसरा हिस्सा है यह जानना कि क्या नहीं मँगाना। ऐसे सामानों की सूची बनाएँ जो 30, 60 और 90 दिन से नहीं बिके, और हर एक में फँसा पैसा लिखें। डेड स्टॉक के लिए: दोबारा मँगाना बंद करें, छूट पर बेचें, तेज़ बिकने वाले सामान के साथ ऑफ़र बनाएँ, या सप्लायर माने तो लौटा दें। हर महीने डेड स्टॉक कैसे देखें, यह दुकान का स्टॉक कैसे रखें में है।
आम गलतियाँ
- त्योहार वाले महीने में पिछले महीने की बिक्री से हिसाब लगाना।
- गोदाम में पड़ा या रास्ते में आता माल भूलकर दोबारा मँगा लेना।
- छोटी-सी छूट के लिए तीन महीने का माल ख़रीद लेना — पहले देखें कि छूट फँसे पैसे के लायक है या नहीं।
- सप्लायर धीमा हो जाए तब भी पुराना lead time मानते रहना।
ApnaInventory की रीऑर्डर सूची — “क्या मँगाएँ” — हर सामान की बिक्री की रफ़्तार से यही हिसाब लगाती है: क्या ख़रीदना है, कितना और किससे, और धीमा व डेड स्टॉक अलग, उसमें फँसे पैसे के साथ। शुरुआत में यह 30 दिन के स्टॉक और 7 दिन की डिलीवरी मानकर चलती है, और दोनों आप बदल सकते हैं। बारकोड स्कैन करके जल्दी गिनती से ये संख्याएँ सही रहती हैं, और रैक और डिब्बों पर QR लेबल से जो माल पहले से है वह मिल जाता है।
सवाल-जवाब
सेफ़्टी स्टॉक कितना ठीक है?
ज़्यादातर लगातार बिकने वाले सामान के लिए एक से दो दिन की बिक्री। जिनकी बिक्री ऊपर-नीचे होती है या जिनका सप्लायर भरोसेमंद नहीं, उनके लिए बढ़ा दें।
अपना असली lead time कैसे पता करें?
अगले कुछ ऑर्डर में लिखें कि ऑर्डर किस दिन दिया और माल अलमारी में किस दिन आया। जो आम तौर पर होता है वही संख्या लें, सबसे अच्छी वाली नहीं।
क्या सप्लायर की छूट के लिए ज़्यादा माल ख़रीदें?
तभी, जब वह जल्दी बिक जाए। छूट की तुलना इससे करें कि पैसा कितने दिन फँसेगा — 3% की छूट छह महीने अलमारी में पड़े माल के लायक नहीं।
जो सामान कभी-कभार बिकता है, उसका क्या?
एक-दो पीस रखें, या ग्राहक के माँगने पर मँगाएँ। रीऑर्डर पॉइंट सबसे ज़्यादा रोज़ बिकने वाले सामान के लिए काम का है।
बिल, स्टॉक और खाता — एक ही ऐप में
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- कम स्टॉक की लिस्ट
- धीमा और डेड स्टॉक, उसमें फँसे पैसे के साथ
- सप्लायर को परचेज़ ऑर्डर


